पा | पिब् धातु के रूप | Pa | Pib Dhatu Roop in sanskrit

Dheeraj Pandit

 

पा | पिब् धातु के रूप | Pa | Pib Dhatu Roop in sanskrit | Pib Dhatu | Pa Dhatu

पा | पिब् धातु भ्वादीगणीय धातु है। पा | पिब् धातु का हिन्दी में अर्थ पीना होता है। इस गण की सभी धातुओं के रूप इसी धातु की तरह चलते है। संस्कृत मे सभी धातुओं को दस गणों मे बाँटा गया है। सभी गण की धातुओं के रूप प्राय: एक प्रकार से ही चलते है। इस आर्टिकल मे हम पाँच लकारो मे Pa | Pib dhatu ke roop का अध्ययन करेंगे।

लट् लकार में पा | पिब् धातु के रूप (Lat Lakar me Pa | Pib Dhatu Roop)

लट लकार को हिन्दी मे वर्तमान काल के रूप मे जाना जाता है। इसमे पा | पिब् धातु के रूप निम्न है-

 एकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथम पुरूषपिबतिपिबतःपिबन्ति
मध्यम पुरूषपिबसिपिबथःपिब
उत्तम पुरूषपिबामिपिबावःपिबाम

पा | पिब् धातु के लट् लकार में वाक्य और उदाहरण

संस्कृत में वाक्यहिन्दी मेंं अर्थ
सः पिबति।
तौ पिबतः।
ते पिबन्ति।
त्वं पिबसि।
युवां पिबथः।
युयं पिबथ।
अहं पिबामि।
आवां पिबावः।
वयं पिबाम।
सा पिबति।
ते पिबतः।
ता पिबन्ति।
वह पीता है।
वे दोनों पीते हैं।
वे सब पीते हैं।
तुम पीते हो।
तुम दोनोंं पीते हो।
तुम सब पीते हो।
मै पीता हूँ।
हम दोनों पीते हैं।
हम सब पीते हैं।
वह पीती है।
वें दोनों पीती है।
वें सब पीती है।

लृट लकार में पा | पिब् धातु के रूप

लृट लकार को हिन्दी मे भविष्यत् काल के रूप मे जाना जाता है। इसमे पा | पिब् धातु के रूप निम्न है-

 एकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथम पुरूषपास्यतिपास्यत:पास्यन्ति
मध्यम पूरूषपास्यसिपास्यथ:पास्यथ
उत्तम पुरूषपास्यमिपास्याव:पास्याम:

पा | पिब् धातु के लृट लकार में वाक्य और उदाहरण

संस्कृत में वाक्यहिन्दी मेंं अर्थ
सः पास्यति।
तौ पास्यत:।
ते पास्यन्ति।
त्वं पास्यसि।
युवां पास्यथ:।
युयं पास्यथ।
अहं पास्यामि।
आवां पास्याव:।
वयं पास्याम:।
सा पास्यति।
ते पास्यत:।
ता पास्यन्ति।
वह पियेगा।
वें दोनों पियेंगे।
वे सब पियेंगे।
तुम पियोगे।
तुम दोनों पियोंगे।
तुम सब पियोंगे।
मैं पियूंगा।
हम दोनो पियेंगे।
हम सब पियेंगे।
वह पियेगी।
वे दोनों पियेंगी।
वे सब पियेंगी।

लड़ लकार मे पा | पिब् धातुके रूप ( Lang Lakar me Pa | Pib Dhatu Roop)

लड़ लकार को हिन्दी मे भूत काल के रूप मे जाना जाता है। इसमे पा | पिब् धातु के रूप निम्न है-

 एकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथम पुरूषअपिबत्अपिबत्अपिबन्
मध्यम पुरूषअपिब:अपिबतम्अपिबत
उत्तम पुरूषअपिबम्अपिबावअपिबाम्

पा | पिब् धातु के लड़ लकार मे वाक्य और उदाहरण

संस्कृत में वाक्यहिन्दी मेंं अर्थ
सः अपिबत्।
तौ अपिबताम्।
ते अपिबन्।
त्वं अपिब:।
युवां अपिबतम्।
युयं अपिबत।
अहं अपिबम्।
आवां अपिबाव।
वयं अपिबाम्।
सा अपिबत्।
ते अपिबताम्।
ता अपिबन्।
उसने पिया।
उन दोनों ने पिया।
उन सबने पिया।
तुमने पिया।
तुम दोनों ने पिया।
तुम सबने पिया।
मैनें पिया।
हम दोनों ने पिया।
हम सबनें पिया।
उसने पिया।
उन दोनों ने पिया।
उन सबने पिया।

लोट लकार मे पा | पिब् धातुके रूप (Lot Lakar me Pa | Pib Dhatu Roop)

लोट लकार को हिन्दी मे आज्ञावाचक के रूप मे जाना जाता है। यह आज्ञा लेने और देने, प्रार्थना, अनुमति, आशिर्वाद आदि से सम्बन्धित है। इसमे पा | पिब् धातु के रूप निम्न है-

 एकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथम पुरूषपिबतुपिबताम्पिबन्तु
मध्यम पुरूषपिबपिबतम्पिबत
उत्तम पुरूषपिबानिपिबावपिबाम

पा | पिब् धातु के लोट लकार मे वाक्य और उदाहरण

संस्कृत में वाक्यहिन्दी मेंं अर्थ
सः पिबतु।
तौ पिबताम्।
ते पिबन्तु।
त्वं पिब।
युवां पिबतम्।
युयं पिबत।
अहं पिबानि।
आवां पिबाव।
वयं पिबाम।
सा पिबतु।
ते पिबताम्।
ता पिबन्तु।
वह पिये।
वें दोनों पियें।
वे सब पियें।
तुम पियों।
तुम दोनों पियों।
तुम सब पियों।
मै पियू।
हम दोनो पियें।
हम सब पियें।
वह पिये।
वे दोनों पियें।
वे सब पियें।

विधिलिंङ लकार मे पा | पिब् धातु के रूप ( Vidhiling Lakar me Pa | Pib Dhatu Roop)

विधिलिंङ लकार चाहिए के अर्थ मे प्रयोग होता है। इसमे पा | पिब् धातु के रूप निम्न है-

 एकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथम पुरूषपिबेतपिबेताम्पिबेयु:
मध्यम पुरूषपिबे:पिबेतम्पिबेत
उत्तम पुरूषपिबेयम्पिबेवपिबेम

पा | पिब् धातु के विधिलिङ लकार मे वाक्य और उदाहरण-

संस्कृत में वाक्यहिन्दी मेंं अर्थ
सः पिबेत।
तौ पिबेताम्।
ते पिबेयु:।
त्वं पिबे:।
युवां पिबेतम्।
युयं पिबेत।
अहं पिबेयम्।
आवां पिबेव।
वयं पिबेम।
सा पिबेत।
ते पिबेताम्।
ता पिबेयु:।
उसे पीना चाहिए।
उन दोनों को पीना चाहिए।
उन सब को पीना चाहिए।
तुम्हे पीना चाहिए।
तुम दोनों को पीना चाहिए।
तुम सब को पीना चाहिए।
मुझे पीना चाहिए।
हम दोनों को पीना चाहिए।
हम सब को पीना चाहिए।
उसे पीना चाहिए।
उन दोनों को पीना चाहिए।
उन सब को पीना चाहिए।

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