पा | पिब् धातु के रूप | Pa | Pib Dhatu Roop in sanskrit | Pib Dhatu | Pa Dhatu
पा | पिब् धातु भ्वादीगणीय धातु है। पा | पिब् धातु का हिन्दी में अर्थ पीना होता है। इस गण की सभी धातुओं के रूप इसी धातु की तरह चलते है। संस्कृत मे सभी धातुओं को दस गणों मे बाँटा गया है। सभी गण की धातुओं के रूप प्राय: एक प्रकार से ही चलते है। इस आर्टिकल मे हम पाँच लकारो मे Pa | Pib dhatu ke roop का अध्ययन करेंगे।
लट् लकार में पा | पिब् धातु के रूप (Lat Lakar me Pa | Pib Dhatu Roop)
लट लकार को हिन्दी मे वर्तमान काल के रूप मे जाना जाता है। इसमे पा | पिब् धातु के रूप निम्न है-
एकवचन | द्विवचन | बहुवचन | |
प्रथम पुरूष | पिबति | पिबतः | पिबन्ति |
मध्यम पुरूष | पिबसि | पिबथः | पिबथ |
उत्तम पुरूष | पिबामि | पिबावः | पिबाम |
पा | पिब् धातु के लट् लकार में वाक्य और उदाहरण
संस्कृत में वाक्य | हिन्दी मेंं अर्थ |
सः पिबति। तौ पिबतः। ते पिबन्ति। त्वं पिबसि। युवां पिबथः। युयं पिबथ। अहं पिबामि। आवां पिबावः। वयं पिबाम। सा पिबति। ते पिबतः। ता पिबन्ति। | वह पीता है। वे दोनों पीते हैं। वे सब पीते हैं। तुम पीते हो। तुम दोनोंं पीते हो। तुम सब पीते हो। मै पीता हूँ। हम दोनों पीते हैं। हम सब पीते हैं। वह पीती है। वें दोनों पीती है। वें सब पीती है। |
लृट लकार में पा | पिब् धातु के रूप
लृट लकार को हिन्दी मे भविष्यत् काल के रूप मे जाना जाता है। इसमे पा | पिब् धातु के रूप निम्न है-
एकवचन | द्विवचन | बहुवचन | |
प्रथम पुरूष | पास्यति | पास्यत: | पास्यन्ति |
मध्यम पूरूष | पास्यसि | पास्यथ: | पास्यथ |
उत्तम पुरूष | पास्यमि | पास्याव: | पास्याम: |
पा | पिब् धातु के लृट लकार में वाक्य और उदाहरण
संस्कृत में वाक्य | हिन्दी मेंं अर्थ |
सः पास्यति। तौ पास्यत:। ते पास्यन्ति। त्वं पास्यसि। युवां पास्यथ:। युयं पास्यथ। अहं पास्यामि। आवां पास्याव:। वयं पास्याम:। सा पास्यति। ते पास्यत:। ता पास्यन्ति। | वह पियेगा। वें दोनों पियेंगे। वे सब पियेंगे। तुम पियोगे। तुम दोनों पियोंगे। तुम सब पियोंगे। मैं पियूंगा। हम दोनो पियेंगे। हम सब पियेंगे। वह पियेगी। वे दोनों पियेंगी। वे सब पियेंगी। |
लड़ लकार मे पा | पिब् धातुके रूप ( Lang Lakar me Pa | Pib Dhatu Roop)
लड़ लकार को हिन्दी मे भूत काल के रूप मे जाना जाता है। इसमे पा | पिब् धातु के रूप निम्न है-
एकवचन | द्विवचन | बहुवचन | |
प्रथम पुरूष | अपिबत् | अपिबत् | अपिबन् |
मध्यम पुरूष | अपिब: | अपिबतम् | अपिबत |
उत्तम पुरूष | अपिबम् | अपिबाव | अपिबाम् |
पा | पिब् धातु के लड़ लकार मे वाक्य और उदाहरण
संस्कृत में वाक्य | हिन्दी मेंं अर्थ |
सः अपिबत्। तौ अपिबताम्। ते अपिबन्। त्वं अपिब:। युवां अपिबतम्। युयं अपिबत। अहं अपिबम्। आवां अपिबाव। वयं अपिबाम्। सा अपिबत्। ते अपिबताम्। ता अपिबन्। | उसने पिया। उन दोनों ने पिया। उन सबने पिया। तुमने पिया। तुम दोनों ने पिया। तुम सबने पिया। मैनें पिया। हम दोनों ने पिया। हम सबनें पिया। उसने पिया। उन दोनों ने पिया। उन सबने पिया। |
लोट लकार मे पा | पिब् धातुके रूप (Lot Lakar me Pa | Pib Dhatu Roop)
लोट लकार को हिन्दी मे आज्ञावाचक के रूप मे जाना जाता है। यह आज्ञा लेने और देने, प्रार्थना, अनुमति, आशिर्वाद आदि से सम्बन्धित है। इसमे पा | पिब् धातु के रूप निम्न है-
एकवचन | द्विवचन | बहुवचन | |
प्रथम पुरूष | पिबतु | पिबताम् | पिबन्तु |
मध्यम पुरूष | पिब | पिबतम् | पिबत |
उत्तम पुरूष | पिबानि | पिबाव | पिबाम |
पा | पिब् धातु के लोट लकार मे वाक्य और उदाहरण
संस्कृत में वाक्य | हिन्दी मेंं अर्थ |
सः पिबतु। तौ पिबताम्। ते पिबन्तु। त्वं पिब। युवां पिबतम्। युयं पिबत। अहं पिबानि। आवां पिबाव। वयं पिबाम। सा पिबतु। ते पिबताम्। ता पिबन्तु। | वह पिये। वें दोनों पियें। वे सब पियें। तुम पियों। तुम दोनों पियों। तुम सब पियों। मै पियू। हम दोनो पियें। हम सब पियें। वह पिये। वे दोनों पियें। वे सब पियें। |
विधिलिंङ लकार मे पा | पिब् धातु के रूप ( Vidhiling Lakar me Pa | Pib Dhatu Roop)
विधिलिंङ लकार चाहिए के अर्थ मे प्रयोग होता है। इसमे पा | पिब् धातु के रूप निम्न है-
एकवचन | द्विवचन | बहुवचन | |
प्रथम पुरूष | पिबेत | पिबेताम् | पिबेयु: |
मध्यम पुरूष | पिबे: | पिबेतम् | पिबेत |
उत्तम पुरूष | पिबेयम् | पिबेव | पिबेम |
पा | पिब् धातु के विधिलिङ लकार मे वाक्य और उदाहरण-
संस्कृत में वाक्य | हिन्दी मेंं अर्थ |
सः पिबेत। तौ पिबेताम्। ते पिबेयु:। त्वं पिबे:। युवां पिबेतम्। युयं पिबेत। अहं पिबेयम्। आवां पिबेव। वयं पिबेम। सा पिबेत। ते पिबेताम्। ता पिबेयु:। | उसे पीना चाहिए। उन दोनों को पीना चाहिए। उन सब को पीना चाहिए। तुम्हे पीना चाहिए। तुम दोनों को पीना चाहिए। तुम सब को पीना चाहिए। मुझे पीना चाहिए। हम दोनों को पीना चाहिए। हम सब को पीना चाहिए। उसे पीना चाहिए। उन दोनों को पीना चाहिए। उन सब को पीना चाहिए। |
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