Dhatu roop yaad karane ki short trick

Dheeraj Pandit

Dhatu roop yaad karane ki short trick – संस्कृत में धातु रूप लिखने की निश्चित विधि होती है। एक ही गण की सभी परस्मै-पदी धातुओंं के रूप एक तरह के होते है। कुछ निश्चित प्रत्ययों को जोड़कर सभी धातुओं के रूप बनाये जाते है। इन्ही प्रत्ययों की जानकारी इस आर्टिकल में दी गयी है।

1.लट् लकार धातु रूप (वर्तमान काल, Present Tense)

निम्नलिखित प्रत्ययों को जोड़कर लट् लकार की धातुओं के रूप बनाये जाते है-

एकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथम पुरूषतित:अन्ति
मध्यम पुरूषसिथ:
उत्तम पुरूषआमिआव:आम:

2.लृट् लकार धातु रूप (भविष्यत् काल, Future Tense)

निम्नलिखित प्रत्ययों को जोड़कर लृट् लकार की धातुओं के रूप बनाये जाते है-

एकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथम पुरूषइष्यतिइष्यत:इष्यन्ति
मध्यम पूरूषइष्यसिइष्यथ:इष्यथ
उत्तम पुरूषइष्यामिइष्याव:इष्याम:

3.लङ लकार धातु रूप (भूतकाल, Past Tense)

निम्नलिखित प्रत्ययों को जोड़कर लङ लकार की धातुओं के रूप बनाये जाते है-

एकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथम पुरूषअ……त्अ……ताम्अ…….न्
मध्यम पुरूषअ………:अ……..तम्अ………त
उत्तम पुरूषअ………म्अ……..आवअ…….आम

4.लोट् लकार धातु रूप (आज्ञावाचक, Imperative Tense)

निम्नलिखित प्रत्ययों को जोड़कर लोट् लकार की धातुओं के रूप बनाये जाते-

एकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथम पुरूषतुताम्अन्तु
मध्यम पुरूषतम्
उत्तम पुरूषआनिआवआम

5.विधिलिङ लकार धातु रूप (चाहिए के अर्थ में)

निम्नलिखित प्रत्ययों को जोड़कर विधिलिङ लकार की धातुओं के रूप बनाये जाते है-

एकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथम पुरूषएतएताम्एयु
मध्यम पुरूषए:एतम्एत
उत्तम पुरूषएयमएवएम

मै आशा करता हूँ कि आपको  Dhatu roop yaad karane ki short trick अच्छी लगी होगी। धन्यवाद।

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